मदर्स डे : नरगिस, निरूपा रॉय, राखी अब श्रीदेवी से लेकर विद्या बालन- बदल गई हैं फिल्मों में मां mothers day: nirupa roy, rakhi, nargis vs vidya balan, sridevi in mom role

मदर्स डे : नरगिस, निरूपा रॉय, राखी अब श्रीदेवी से लेकर विद्या बालन- बदल गई हैं फिल्मों में मां mothers day: nirupa roy, rakhi, nargis vs vidya balan, sridevi in mom role


मदर इंडिया में नरगिस और सांड की आंख में तापसी-भूमि

महबूब ख़ान द्वारा लिखी और निर्देशित फिल्म मदर इंडिया हिंदी सिनेमा में मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में मां का किरदर नरगिस ने निभाया। मां का रोल राधा जो कि महिलाओं की दुर्दशा, अछूतों के प्रति भेद-भाव, जानवरों, धुल मिट्टी और राजनेताओं जैसे कई विषयों के साथ जूझती नजर आती हैं।

लेकिन आज की फिल्मों में अगर सांड की आंख में तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर के रोल को भी देखा जाए तो, ये भी गांव से जुड़ी दो महिलाओं के रोल व सच्ची कहानी को दर्शाती है। लेकिन इस किरादर ने अपने सपने पूरे किए और सामाजिक व गांव के तमाम बंधनों को तोड़कर अपना सपना मुकम्मल किया।

करण-अर्जुन में राखी और मॉम फिल्म में श्रीदेवी

करण-अर्जुन में राखी और मॉम फिल्म में श्रीदेवी

मां के रोल की जब जब बात की जाएगी राखी गुलजार का नाम तब तब लिया जाएगा। उनकी एक्टिंग और मां के रोल में फिट बैठता चेहरा था। उन्होंने साल 1995 में आई फिल्म करण अर्जुन में मां का रोल ऐसा निभाया कि उन्हें तो नेशनल मां बना दिया गया। दिग्गज एक्ट्रेस राखी ने ऐसे मां का रोल निभाया जो ठाकुर और गांव के ऊंचे ओहदे पर बैठे लोगों के कारण लाचार थी। उसे ये विश्वास था कि उसके बेटे उसका बदला लेंगे और फिर उसका बदला पूरा होगा।

लेकिन आज के समय में मां अपना बदला तो लेती ही है साथ ही बच्चों के साथ हुए दुर्रव्यहार का भी। श्रीदेवी की आखिरी फिल्म मॉम कुछ ऐसी ही थी। इसमें श्रीदेवी ने ऐसी मां का किरदार निभाया जो पढ़ी-लिखी और साइंस की टीचर है लेकिन जब उसकी बेटी के साथ गलत होता है तो वह खुद उसका बदला लेती है, परिवार को संभालती है।

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में फरीदा जलाल और नीना गुप्ता

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में फरीदा जलाल और नीना गुप्ता

दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म बॉलीवुड में शानदार फिल्मों में से एक मानी जाती है। ये शाहरुख-काजोल के लिए अहम मानी जाती है। वहीं फिल्म में पिता के रोल में अमरीश पुरी और मां के रोल में फरीदा जलाल को भी भूलाया नहीं जा सकता है। फरीदा जलाल ने एक ऐसे मां के रोल को निभाया जो बच्चों के लिए कुछ भी कर सकती है लेकिन पति के आगे वह शांत और लाचार सी रह जाती है। ये कोई अतिश्योक्ति नहीं बल्कि समाज था जहां एक महिला पत्नी और मां की जिम्मेवारी में फंसकर रह जाती और उसके एक को चुनना बहुत मु्श्किल होता है।

आयुष्मान खुराना की फिल्म शुभ मंगल ज्यादा सावधान में नीना गुप्ता ने मां का रोल निभाया। खैर इससे पहले भी वह कई बार दमदार मां के रोल में नजर आ चुकी हैं। लेकिन इस फिल्म में उन्होंने बेटे और पति के बीच सही को चुना। उन्होंने पति को समझाया कि बेटा कब सही है और उनकी कहां गलती रह गई। आज समय इतना बदल गया है कि कम पढ़ी लिखी मां अपने पढ़े लिखे बच्चों की खुशियों को समाज से उठकर देख सकती हैं।

दीवार फिल्म में निरूपा रॉय और मिशन मंगल में विद्या बालन

दीवार फिल्म में निरूपा रॉय और मिशन मंगल में विद्या बालन

निरूपा रॉय को बॉलीवुड की मां कहा जाता है। उन्होंने दीवार फिल्म में जो भूमिका निभाई वो अद्भुत रही। शशि कपूर का डायलॉग मेरे पास मां है इसी फिल्म से है। फिल्म में दो बेटे की दीवार में मां की उलझन को दिखाया गया है। जहां एक बेटे, तरक्की के साथ अंहकार और पैसे कमाने की राह में सही गलत का अंतर नहीं पता वहीं दूसरा बेटा मां के आंचल और सच्चाई के लिए खड़ा नजर आता है। इस फिल्म में मां बेटे से पहले सच्चाई को चुनती है।

वहीं मिशन मंगल फिल्म में विद्या बालन के रोल की बात करें तो ये एक जबरदस्त किरदार था। एक तरफ विद्या बालन देश के लिए मंगलयान जैसे कार्यक्रम का अहम हिस्सा थीं वहीं घर में दो बच्चों की मां। ये बच्चे टीन-एज में हैं जहां मां की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। वह अपनी ड्यूटी के साथ, बदलते समय के साथ अपने बच्चों को भी बखूबी पालती है।



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