भारत में अधिकतर लोगों के लिंग छोटे क्यों होते हैं?

चेतावनी:- केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए
  1. भारत में अधिकांश व्यक्तियों में अपने लिंग के आकार को लेकर यह भ्रांति है कि उनके लिंग का आकार छोटा है|
  2. और दूसरा यह कि छोटे लिंग के आकार से वह पार्टनर को संतुष्ट नहीं कर सकते|
  3. जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है यदि हम बात करें तो लिंग का आकार व्यक्ति की अलग अलग नस्ल और अलग-अलग महाद्वीप में अलग-अलग है|
  4. जहां अफ्रीकन लोगों का लिंग का साइज सबसे बड़ा होता है वही उससे छोटा यूरोपियन और सबसे छोटा एशियन लोगों का होता है|
  5. सबसे पहले हम बात करें कि सामान्य आकार कितना होता है तो सामान्य आकार भारतीय लोगों का 3 इंच से लेकर 4 इंच और अधिकतम 4½ इंच तक होता है यदि हम इसे सेंटीमीटर में कन्वर्ट करें तो अधिकतम 10 सेंटीमीटर तक|
  6. अब दूसरी सबसे बड़ी यह है कि सेक्स के लिए साइज यानी कि आकार कितना मायने रखता है तो एक सर्वे के अनुसार यह पाया गया है कि सेक्स के लिए आकार अधिक मायने नहीं रखता है जबकि स्टैमिना जबकि अधिक मायने रखता है|
  7. सर्वे के अनुसार छोटे से छोटा आकार का लिंग योनि के प्रत्येक भाग तक पहुंचा जा सकता है इसलिए छोटे से छोटे आकार वाला व्यक्ति अपनी पार्टनर को संतुष्ट कर सकता है यदि उसका स्टैमिना अच्छा है|
  8. अक्सर हम पोर्न देखते हैं और हमें लगता है कि हमारा आकार छोटा है हमारे पूरे विश्व में 5000 लोग है जिनके लिंग का आकार लगभग 10 इंच है और यह अधिकांश व्यक्ति अपने करियर के तौर पर पोर्न इंडस्ट्री का चुनाव करते हैं इसलिए आप निश्चिंत रहें आपका लिंग का आकार पर्याप्त है आपके पार्टनर को संतुष्ट करने के लिए स्टेमिना जरूरी होता है ना कि आकार|

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