तारे ज़मीन पर की रिलीज़ को 13 साल, जानिए दिलचस्प किस्से | 13 years of Taare Zameen Par – Darsheel Safary beat Shahrukh Khan to Best actor award

तारे ज़मीन पर की रिलीज़ को 13 साल, जानिए दिलचस्प किस्से | 13 years of Taare Zameen Par - Darsheel Safary beat Shahrukh Khan to Best actor award


दर्शील सफारी की कास्टिंग

फिल्म के लिए दर्शील सफारी की कास्टिंग बहुत ही दिलचस्प तरीके से हुई थी। दर्शील, श्यामक डावर के डांस ट्रूप का हिस्सा थे जब उन्होंने एक ऑडीशन का बैनर देखा जहां लिखा था ऑडीशन पास करने वाले को आमिर खान के साथ काम करने का मौका मिलेगा। इस ऑडीशन में एक शरारती बच्चे की तलाश थी। उसी दौरान अमोल गुप्ते ने दर्शील को देखा और उन्हें ये ऑडीशन देखने को कहा।

नाराज़ था स्कूल

नाराज़ था स्कूल

दर्शील सफारी ने जब ये फिल्म साइन की तो उनका स्कूल प्रशासन बहुत नाराज़ हुआ। दरअसल, दर्शील के स्कूल की प्रिंसिपल अपने स्कूल के बच्चे की पढ़ाई के इतने नुकसान के पक्ष में नहीं थी। लेकिन आमिर खान फिल्म में केवल दर्शील को चाहते थे। इसलिए वो दर्शील के स्कूल की प्रिंसिपल से मिले और खुद वादा किया कि दर्शील की पढ़ाई का कोई नुकसान नहीं होगा। सेट पर आमिर खान ने दर्शील के लिए स्पेशल कोचिंग क्लास की व्यवस्था करवाई। साथ ही उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च खुद आमिर खान ने उठाया।

छोड़ दी थी फिल्म

छोड़ दी थी फिल्म

आमिर खान के पास जब अमोल गुप्ते ये कहानी लेकर आए उसके बाद आमिर को फिल्म में कुछ दिक्कतें लगने लगीं जिसके बाद आमिर ने ये फिल्म छोड़ दी। लेकिन अमोल चाहते थे कि केवल आमिर ही इस फिल्म में एक्टिंग करें। इसलिए उन्होंने आमिर को ये फिल्म पूरी सौंप दी। नए निर्देशक की तलाश की गई। बाद में अमोल ने सुझाव दिया कि आमिर खुद ही ये फिल्म डायरेक्ट करें और ये आमिर खान की डेब्यू डायरेक्शन फिल्म बनी।

सलमान ने सुझाया नाम

सलमान ने सुझाया नाम

फिल्म का नाम शुरू में तय नहीं किया गया था। फिल्म का नाम सलमान खान ने आमिर खान को एक पार्टी के दौरान सुझाया था। और आमिर को सलमान का ये सुझाव तुरंत पसंद आ गया। इसके लिए आमिर खान ने सलमान खान को फिल्म में क्रेडिट भी दिया है।

असली टीचर हैं निकुंभ सर

असली टीचर हैं निकुंभ सर

फिल्म में अमोल गुप्ते ने आमिर खान के किरदार राम शंकर निकुंभ की प्रेरणा अपने खुद के आर्ट टीचर से ली है। उनके आर्ट टीचर का नाम था R.S. Nikumbh जो कि हंसराज मोरारजी स्कूल के प्रिंसिपल भी हुआ करते थे।

आमिर ने की पिटाई

आमिर ने की पिटाई

फिल्म के एक सीन में एक्टर विपिन शर्मा को दर्शील सफारी को मारना था पर उनसे ये सीन नहीं हो पा रहा था। वो एक छोटे बच्चे के साथ ये सीन करने में असहज थे। ऐसे में उनके पसीन से लथपथ टीशर्ट पहन कर आमिर ने खुद पीछे से वो शॉट दिया है।

अमिताभ बच्चन से ली परमिशन

अमिताभ बच्चन से ली परमिशन

फिल्म के एक सीन में आमिर खान उन लोगों के बारे में बताते हैं जिन्हें Dyslexia की बीमारी थी और इसमें अभिषेक बच्चन का नाम लेते हैं। इसके लिए उन्होंने अमिताभ बच्चन से खास परमिशन ली थी कि वो अभिषेक बच्चन के बचपन की इस बीमारी के बारे में खुलकर बात कर पाएं।

फ्री में मिली थी पेंटिंग

फ्री में मिली थी पेंटिंग

इस फिल्म के लिए आमिर खान को मशहूर आर्टिस्ट समीर मंडल ने अपनी कई पेंटिंग फ्री में दी थी। समीर की हर पेंटिंग करीब 1 लाख से 7 लाख रूपये के बीच में बिकती है।

ऑस्कर के लिए नामांकित

ऑस्कर के लिए नामांकित

साल 2009 में ये फिल्म भारत की ओर से ऑस्कर की आधिकारिक एंट्री थी। वहीं इस फिल्म को इंटरनेशनल डाईस्लेक्सिया एसोसिएशन में स्क्रीन किया गया था जिसके बाद फिल्म को स्टैंडिंग ओवेशन मिला था।

भंसाली को जवाब

भंसाली को जवाब

आमिर खान संजय लीला भंसाली की ब्लैक से ज़्यादा प्रभावित नहीं थे। उनका कहना था कि बच्चों को मारपीट कर नहीं पढ़ाया जाता है। इसके बाद उन्होंने ठानी थी कि वो बच्चों पर फिल्म बनाएंगे और बताएंगे कि वाकई कमज़ोर बच्चों के साथ किस तरह से पेश आना चाहिए। आमिर का जवाब आज तक सबके दिलों पर राज करता है।



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