अमिताभ बच्चन को सर जी ना कहने पर कादर खान को फिल्मों से निकाला गया | Kadar Khan was thrown out of films for not calling Amitabh Bachchan Sir Ji

अमिताभ बच्चन को सर जी ना कहने पर कादर खान को फिल्मों से निकाला गया | Kadar Khan was thrown out of films for not calling Amitabh Bachchan Sir Ji


भाईयों की मौत

कादर खान के तीन बड़े भाई थे लेकिन तीनों की ही मौत हो गई। उस समय उनका पूरा परिवार काबुल में रहता था। उनकी मां ने पिता से कहा कि काबुल हमें रास नहीं आ रहा है। और मां के ज़बरदस्ती करने पर कादर खान, अपने माता पिता के साथ मुंबई आ गए।

बेहद गरीबी के दिन

बेहद गरीबी के दिन

कादर खान का बचपन काफी गरीबी में बीता। उनके पास पहनने को चप्पल तक नहीं होती थी। जब भी उनकी मां उनके गंदे पैर देखती थीं, समझ जाती थीं कि वो मस्जिद नहीं गए हैं। उनके माता पिता का तलाक हो गया और उनकी मां की दूसरी शादी भी कर दी गई। उनके सौतेले पिता बिल्कुल हिंदी फिल्मों में दिखाए जाने वाले सौतेले मां बाप की तरह ही थे।

खूब की पढ़ाई

खूब की पढ़ाई

मां के कहने पर कादर खान ने खूब पढ़ाई की। कादर खान ने बीटेक की पढ़ाई की और इंजीनियर बने। इसके बाद वो मुंबई के एम एच साबू सिद्दीकी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में बच्चों को सिविल इंजीनियरिंग पढ़ाने लगे।

मिलते थे ढेरों ईनाम

मिलते थे ढेरों ईनाम

कादर खान अपने कॉलेज में थियेटर में काफी एक्टिव रहते थे। एक बार किसी ने उनका नाटक देखकर उन्हें 100 रूपये का ईनाम दिया था जिसे उन्होंने काफी समय तक संभाल कर रखा था लेकिन फिर खर्च कर दिया था। एक प्ले में पुरस्कार जीतने के बाद उन्हें लिखने का ऑफर मिला, 1500 रूपये में।

पहली फिल्म की साईन

पहली फिल्म की साईन

कादर खान को एक प्ले के दौरान दिलीप कुमार ने देखा और फिर दिलीप कुमार ने कादर खान को अपनी फिल्म बैरागी के लिए साइन किया। यहीं से उनका झुकाव फिल्मों की तरफ हुआ।

यूं हुआ डेब्यू

यूं हुआ डेब्यू

कादर खान ने अपना डेब्यू, राजेश खन्ना की फिल्म दाग से किया था। इस फिल्म में वो एक मामूली से वकील की भूमिका में नज़र आए थे। इसके बाद वो मनमोहन देसाई की फिल्म रोटी में नज़र आए।

पहली कमाई

पहली कमाई

रोटी के लिए कादर खान ने मनमोहन देसाई को कुछ डायलॉग्स लिख के दिए जो उन्हें बहुत पसंद आए। फिर कादर खान को डायलॉग्स लिखने का काम मिलने लगा। अपनी पहली फिल्म के लिए उन्हें 1 लाख रूपया मिला था।

बनाया अमिताभ बच्चन का करियर

बनाया अमिताभ बच्चन का करियर

कादर खान के पास काम की कमी कभी नहीं रही। उन्होंने 300 से ऊपर फिल्मों में अभिनय किया और 1000 से ऊपर फिल्मों के लिए डायलॉग्स लिखे। इन फिल्मों में अमिताभ बच्चन की 22 फिल्में शामिल हैं।

डेविड धवन के चहीते

डेविड धवन के चहीते

एक समय आया जब डेविड धवन, गोविंदा और कादर खान की तिकड़ी ने जमकर बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई। इनमें दूल्हे राजा से लेकर नंबर वन सीरीज़ तक की सारी फिल्में शामिल हैं।

मौत के बाद मिला अवार्ड

मौत के बाद मिला अवार्ड

हिंदी सिनेमा को इतने योगदान के बावजूद भारत सरकार ने कादर खान को जीवित रहते किसी सम्मान से नहीं नवाज़ा था। अपने आखिरी वक्त में कादर खान का हालचाल, बॉलीवुड की किसी हस्ती ने नहीं लिया। मरणोपरांत उन्हें पद्मश्री की उपाधि दी गई।



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